नर और नारी बराबर नहीं बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। यही समझाने के लिए महादेव को भी अर्धनारीश्वर का अवतार लेना पड़ा। विचार, बुद्धि और आत्मा का कोई लिंग नही होता। फिर लिंग के आधार पर भेदभाव क्यों। मानसिकता बदलने की आवश्यकता है। घर से प्रारंभ कीजिये। घर में माँ, बेटी, बहु, बहन को सम्मान दीजिये। समाज में सम्मान अपने आप हो जाएगा।